नदी-नालों, बाँधों व अन्य जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराएँ.. प्रयास ऐसे हों कि जिले के जलाशयों में वर्ष भर पानी रहे..

नदी-नालों, बाँधों व अन्य जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराएँ..

प्रयास ऐसे हों कि जिले के जलाशयों में वर्ष भर पानी रहे..

मंत्री द्वय श्री कुशवाह व श्री तोमर ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश..

हाथ ठेलों का प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, तिराहों व चौराहों का सौंदर्यीकरण सहित शहर के अन्य विकास कार्यों पर भी हुई चर्चा

ग्वालियर / हनुमान व वीरपुर बाँध सहित जिले के अन्य बाँधों की साफ-सफाई कराएँ, अतिक्रमण हटवाएँ और पानी की आवक में हो रही रूकावट दूर करें, जिससे इन बाँधों में वर्ष भर पानी रहे। इसी तरह जिले के अन्य जलाशय, नदी-नालों, कुआ-बावड़ियों एवं अन्य जल संरचनाओं से अतिक्रमण हटवाकर जन सहयोग से जीर्णोद्धार कराया जाए। प्रदेश सरकार इन कामों को मूर्तरूप देने में हर संभव सहयोग करेगी। यह बात उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह तथा ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” (नमामि गंगे – सदानीरा अभियान) को प्रभावी ढंग से धरातल पर लाने के सिलसिले में शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई बैठक में कही।
मंत्री द्वय ने शहर के सभी नालों की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह काम बरसात से पहले हो जाए, जिससे जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। सड़कों पर खड़े होने वाले हाथ ठेलों का प्रबंधन, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था, शहर के तिराहा-चौराहों का सौंदर्यीकरण तथा शहर विकास कार्यों पर भी बैठक में चर्चा हुई।
“जल गंगा संवर्धन अभियान” में जनप्रतिनिधियों एवं जिलेवासियों की अधिकाधिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में श्री अभय चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त श्री हर्ष सिंह, अपर कलेक्टर श्री टी एन सिंह एवं जिला प्रशासन व नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मंत्री द्वय श्री कुशवाह व श्री तोमर ने कहा कि जल सहेजने के लिए जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार करने के साथ-साथ जल संरचनाओं के किनारे सुनियोजित ढंग से वृक्षारोपण करने की तैयारी करें। उन्होंने कहा बरसात के पानी के संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकारी भवनों के साथ-साथ निजी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अभियान बतौर कराई जाए।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” को मूर्तरूप देने के लिये बनाई गई कार्ययोजना के बारे में बैठक में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार कार्य में जन सहयोग भी मिल रहा है। जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को इस अभियान में भागीदार बनाने के लिये लगातार प्रयास किए जायेंगे।
नगर निगम आयुक्त श्री हर्ष सिंह ने ग्वालियर शहर में अभियान के तहत कराए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्वालियर शहर में सागरताल, पृथ्वी ताल, शारदा विहार कॉलोनी की बावड़ी, मेहराव साहब की तलैया व मुरार नदी की साफ-सफाई व जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया गया है।

हॉकर्स जोन को सुविधाजनक बनाकर हाथ ठेले पहुँचाएँ

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि हजीरा सहित शहर के अन्य बाजारों में सड़क पर लगने वाले हाथ ठेलों को हॉकर्स जोन में पहुँचाएँ। इससे पहले हॉकर्स जोन में सभी बुनियादी सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम करें। हाथ ठेला व्यवसाइयों से बैठक के माध्यम से सहमति लेकर उन्हें हॉकर्स जोन में पहुँचाया जाए। हॉकर्स जोन शुरू होने के बाद यह सुनिश्चित करें कि कोई भी हाथ ठेला सड़क पर न लगे।
उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि गुढ़ीगुढ़ा नाका क्षेत्र में सड़कों पर लगने वाले ठेलों को सुव्यवस्थित करने के लिये हॉकर्स जोन बनाकर उसमें सब्जी मंडी स्थापित करें।

विकास कार्यों के मार्ग में आ रही बाधाएँ तत्परता से दूर करें

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने जनकताल के सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा इस कार्य का टेंडर हो चुका है। काम शुरू करने के बीच में आ रही बाधाएँ तत्परता से दूर की जाएँ। इसी तरह मनोरंजनालय पार्क में ऑडिटोरियम और झलकारी बाई कॉलेज परिसर में खेल मैदान बनाने के काम में आ रही बाधाएँ दूर करने पर उन्होंने विशेष बल दिया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि शिक्षानगर में स्मार्ट विद्यालय परिसर बनकर तैयार हो गया है। साथ ही नगर निगम आयुक्त से इस विद्यालय में स्मार्ट फर्नीचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। श्री तोमर ने शहर के विकास कार्यों में आ रहीं बाधाओं को कॉर्डीनेशन कमेटी बनाकर तत्परता से दूर करने के लिये भी कहा। साथ ही किलागेट के सौंदर्यीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था सुचारू रहे

मंत्री द्वय ने कहा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था हर हाल में सुचारू रहे। ग्रामीण अंचल की नल-जल योजनायें सुचारू रूप से चलें। साथ ही गाँव-गाँव में जल संरक्षण के प्रयास किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में टैंकरों के जरिए भी पेयजल की व्यवस्था की जाए। मंत्री द्वय ने यह भी कहा कि चंबल प्रोजेक्ट को मूर्तरूप देने के लिये व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि ऐसा कोई क्षेत्र न रहे जहाँ पाइप लाइन के जरिए पानी न पहुँचता हो।

0Shares

Post Author: Javed Khan