Csp के साथ पुलिस उतरी सड़कों पर… ग्वालियर पुलिस का पैदल मार्च एवं गर्ल्स होस्टल में महिला जागरूकता अभियान..

Csp के साथ पुलिस उतरी सड़कों पर…

ग्वालियर पुलिस का पैदल मार्च एवं गर्ल्स होस्टल में महिला जागरूकता अभियान

विश्वविद्यालय कैंपस में स्थित गर्ल्स होस्टल की छात्राओं को उनके अधिकारों से अवगत कराते हुए साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक.

ग्वालियर। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर  धर्मवीर सिंह(भापुसे)ips के निर्देशानुसार ग्वालियर शहर में महिला सुरक्षा के तहत निर्भया मोबाइल की महिला पुलिस टीम द्वारा लगातार विभिन्न स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों व सार्वजनिक स्थानों पर महिला जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उक्त अभियान के तहत आज  सीएसपी विश्वविद्यालय सुश्री हिना खान के नेतृत्व में थाना प्रभारी विश्वविद्यालय निरीक्षक उपेन्द्र छारी, थाना प्रभारी सिरोल निरीक्षक आलोक सिंह भदौरिया एवं थाना प्रभारी झांसी रोड निरीक्षक हरेन्द्र शर्मा द्वारा थाना बल के साथ जीवाजी विश्वविद्यालय कैम्पस तथा गोविंदपुरी इलाके में पैदल मार्च किया गया और पैदल मार्च के दौरान सीएसपी विश्वविद्यालय सुश्री हिना खान के द्वारा कैम्पस में स्थित गर्ल्स होस्टल में जाकर छात्राओं से चर्चा की और उपस्थित छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाकर साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में भी जानकारी दी गई।

इस अवसर पर छात्राओं के अलावा हॉस्टल वार्डन एवं जीवाजी विश्वविद्यालय के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

बुधवार को विश्वविद्यालय अनुभाग के समस्त बल को एकत्रित कर सीएसपी विश्वविद्यालय सुश्री हिना खान के नेतृत्व में विश्वविद्यालय कैम्पस तथा गोविंदपुरी इलाके में पैदल मार्च निकाला गया। पैदल मार्च के दौरान गोविन्दपुरी क्षेत्र में यातायात अवरुद्ध कर रहे ठेले एवं वाहन चालकों को अपने वाहन रोड पर पार्क न करने की हिदायत दी गई।

पैदल भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय कैम्पस में स्थित गर्ल्स होटल में रहने वाली छात्राओं से उनकी समस्याओं को सुना और सीएसपी विश्वविद्यालय द्वारा छात्राओं को अपना मोबाइल नम्बर भी शेयर किया तथा बताया गया कि कोई भी छात्रा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या उन्हें सूचित करें। उन्हे छात्राओं को मध्यप्रदेश पुलिस की डायल 100/112 सेवा तथा 1090 महिला हेल्पलाइन से भी अवगत कराया गया।

इस अवसर पर सीएसपी विश्वविद्यालय ने उपस्थित छात्राओं से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, कार्यस्थल पर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना, छात्राओं पर टिप्पणी करना, छात्राआंे पर बातचीत करने के लिए दबाब डालना, छेड़ाछाड़ जैसी किसी भी घटना के होने पर तत्काल पुलिस, परिजनों व शिक्षकों को सूचित करना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला हिंसा व उनके साथ भेदभाव करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के लिये अनेक कानून बनाये गये हैं। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं को उनसे जुड़े कानूनों एवं साइबर अपराध के संबंध में भी जानकारी देकर जागरूक किया गया।

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