नाम ही काफी है आशीष उषा अग्रवाल…
ग्वालियर से दिल्ली तक –

आशीष उषा अग्रवाल का सियासी सफर और क्या 2028 में ग्वालियर पूर्व से होंगे बीजेपी के चेहरे?
ग्वालियर। बैंक की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए ग्वालियर के आशीष उषा अग्रवाल को बीजेपी ने राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाया है। 23 सितंबर 2026 को यह नियुक्ति हुई और खास बात ये है कि राष्ट्रीय टीम में आने के सिर्फ 37 दिन में ही उनको सह-संयोजक से संयोजक बना दिया गया। b0be
*कौन हैं आशीष उषा अग्रवाल? – बैंक से बीजेपी तक*
आशीष मूलतः ग्वालियर के हैं। 2003 से 2010 तक ICICI बैंक समूह में काम किया, फिर 2010 में ग्वालियर में बीजेपी की जमीनी गतिविधियों से जुड़ गए। b0be
– 2017-2021: प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट
– 2021-2023: प्रदेश प्रवक्ता
– 29 अप्रैल 2023 से: प्रदेश मीडिया प्रभारी – 2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव में मीडिया मैनेजमेंट की कमान उन्हीं के पास थी।
– 17 अगस्त 2026: राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक
– 23 सितंबर 2026: राष्ट्रीय मीडिया संयोजक – अनिल बलूनी की जगह।
RSS और बीजेपी संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए जाने जाते हैं।..
*ग्वालियर पूर्व का समीकरण और आशीष की दावेदारी*
ग्वालियर पूर्व (16) सीट – ये सीट पहले माया सिंह, अनूप मिश्रा जैसे बीजेपी के दिग्गजों की रही है। 2018 में सतीश सिकरवार बीजेपी में थे और हार गए, फिर 2020 में कांग्रेस में आकर उपचुनाव जीते और 2023 में फिर जीते।
वर्तमान विधायक *डॉ. सतीश सिंह सिकरवार* – कांग्रेस, ठाकुर समाज से, ग्वालियर नगर निगम में पार्षद से विधायक तक का लंबा अनुभव, पत्नी शोभा सिकरवार महापौर।
*आशीष vs सतीश – क्या होगा मुकाबला?*
. *जातीय समीकरण:* ग्वालियर पूर्व में वैश्य (अग्रवाल), ब्राह्मण, ठाकुर, पंजाबी वोट निर्णायक हैं। आशीष वैश्य समाज से हैं और मध्यप्रदेश में इस बार राष्ट्रीय टीम में वैश्य चेहरे के तौर पर उनको जगह मिली है। सतीश को ठाकुर + कांग्रेस का परंपरागत वोट मिलता है।
. *लोकप्रियता:* आशीष की लोकप्रियता मीडिया, सोशल मीडिया और प्रबुद्ध वर्ग में ज्यादा है, जबकि सतीश की पकड़ वार्ड-स्तर, जमीनी कार्यकर्ताओं में है। आशीष ने राष्ट्रीय पद मिलने के बाद ग्वालियर में होर्डिंग-बैनर न लगाने की अपील कर सादगी वाला संदेश दिया था, जो चर्चा में रहा।
. *भविष्य:* 2028 विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन बीजेपी में राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनने के बाद आशीष का कद ग्वालियर में सबसे बड़े नेताओं में हो गया है। पार्टी अगर ग्वालियर पूर्व में नया चेहरा, पढ़ा-लिखा और दिल्ली में पकड़ वाला उम्मीदवार चाहेगी तो आशीष सबसे मजबूत दावेदार हैं। आशीष अग्रवाल की खासियत यह है कि वह जिससे एक बार मिल लेते हैं.. उसे अपना दीवाना बना लेते हैं.. उनका हंसमुख और मृदुभाषी चेहरा और व्यवहार एक चुंबक की तरह काम करता है..
दतिया कनेक्शन…
37 दिन बाद ही बड़ी जिम्मेदारी के गहरे मायने..
(17 अगस्त 2026 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राष्ट्रीय टीम में नियुक्तियां की थीं। उस समय आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक बनाया गया था। उनके साथ प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव को भी यही जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी अनिल बलूनी के पास थी। लेकिन 23 सितंबर को पार्टी ने राष्ट्रीय मीडिया विभाग में बदलाव किया और आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बना दिया। यानी राष्ट्रीय टीम में पहली बार शामिल होने के केवल 37 दिन बाद उनकी जिम्मेदारी सह-संयोजक से बढ़कर संयोजक तक पहुंच गई।..)
हालांकि, पार्टी उन्हें चुनाव लड़ाने की बजाय राष्ट्रीय मीडिया संभालने और 2027 के यूपी समेत 7 राज्यों के चुनाव में उपयोग करना चाहती है। ऐसे में ग्वालियर पूर्व से टिकट मिलेगा या नहीं, ये केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा, पर इतना तय है कि अब ग्वालियर पूर्व में सतीश सिकरवार के सामने बीजेपी के पास आशीष जैसा राष्ट्रीय चेहरा मौजूद है जो उन पर भारी पड़ सकता है। पार्टी को अभी दूसरा विकल्प तलाशने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी…
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