ग्वालियर विकास प्राधिकरण GDA की फाइलों में दबी है कई उम्मीदें..
कोर्ट कचहरी की आड़ में नहीं हो पा रहा निराकरण..
सीईओ साहब को लिखी चिट्ठी में पूरे मामले का तथ्य परक ब्यौरा प्रस्तुत किया…
ग्वालियर/Gwalior development authority यानी कि ग्वालियर विकास प्राधिकरण पर हमेशा सवाल उठते रहते हैं.. लेकिन हर बार कुछ ना कुछ मामला अलग निकलता है और कानूनी दाव पेंच की वजह से या तो पीड़ित पक्षकार को न्याय नहीं मिल पाता या विकास प्राधिकरण के अधिकारी मामले को समझ नहीं पाते हैं। जिससे सालों साल मामले फाइल दर फाइल भटकते रहते हैं और धरातल पर असली प्रोजेक्ट उतर नहीं पाते हैं.. ऐसा ही एक मामला सामने आया है …जिसमें पक्षकार ने ग्वालियर विकास प्राधिकरण के सीईओ को सारगर्भित पत्र लिखकर इस मामले के निराकरण की गुहार लगाई है। जिसका लब्बोलुआब इस तरह है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्वालियर विकास प्राधिकरण ग्वालियर (म.प्र.)
विषयः गांव विक्रमपुर सर्वे नंबर 215 रकवा 1.139 हेक्टेयर से संबंधित माननीय न्यायालय के प्र. क्र. 260/2022 के आदेश दिनांक 07.04.2022 का पालन कराये जाने बावत।
श्रीमान,
उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि प्रार्थी के स्वत्व, स्वामित्व एवं आधिपत्य के भूमि सर्वे क्र. 215 रकवा 1.139 हैक्टेयर स्थित है। उपरोक्त भूमि प्रार्थी ने कलियान सिंह पुत्र श्री जालिम सिंह निवासी विक्रमपुर तहसील व जिला ग्वालियर में जरिये रजि. क्रमांक 1931 ग्रंथ क्रमांक 13993 दिनांक 24.01.2003 के माध्यम से क्रय की थी एवं प्रार्थी का विधिवत नामांतरण है।
श्रीमान् जी, आपके द्वारा महाराजपुरा थाने में कल्यान सिंह पुत्र श्री जालिम सिंह पर धारा 420 का अपराध पंजीबद्ध कराया गया ।
आपके द्वारा एफ.आई.आर. में कथन दिये गये थे कि कल्यान सिंह पुत्र श्री जालिम सिंह ने स्वाध्याय गृह निर्माण समिति से एक उक्त भूमि का अनुबंध संपादित किया ..लेकिन कल्याण सिंह अपनी जमीन पिंकी बघेल एवं रेखा बघेल को बेचा था ।
श्रीमान उक्त एफ.आई.आर. में माननीय न्यायालय के प्रकरण क्रमांक एमजेसीआर 304/2022 में उक्त अपराध कमांक 52/2020 धारा 420 में दिनांक 24.08.2024 खात्मा स्वीकार किया गया है.. उक्त आदेश में उल्लेख किया कि विवादित भूमि वर्ष 1996 से लेकर 2005 तक आरोपी कल्याण सिंह के नाम दर्ज थी.. और 2005 से 2021 तक रेखा पाल और पिंकी पाल के नाम से दर्ज है और जब विवादित अनुबंध पत्र पर अभियुक्त के हस्ताक्षर मिलाये गए तो अभियुक्त के हस्ताक्षर भिन्न पाए गये।
इससे सिद्ध होता है कि स्वाध्याय गृह निर्माण ने
कल्यान सिंह पुत्र जालिम के फर्जी हस्ताक्षर कर ग्वालियर विकास प्राधिकरण के साथ अनुबंध किया है।
श्रीमान प्रकरण क्रमांक 260/2022 के आदेश दिनांक 07.04.2022 को न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश शासन द्वारा कलेक्टर ग्वालियर, ग्वालियर विकास प्राधिकरण ग्वालियर, नगर निगम ग्वालियर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कलेक्टर को आदेशित किया है कि प्रार्थी की भूमि में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें और ना ही करावें ।
अन्यथा श्रीमान जी प्रार्थी के द्वारा न्यायालयीन कार्यवाही की जावेगी।
अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि प्रार्थी की भूमि में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें और ना ही करावें।
श्रीमान की अति कृपा होगी।
संलग्न दस्तावेज़..
1. प्र.क्र. 304/2022 खात्मे की प्रति..
2. प्र.क्र. 260/2022 स्टे की प्रति..
प्रार्थी..
श्रीमती रेखा पाल
पत्नी श्री मुरारी पाल
निवासी गोले का मंदिर मुरार,
ग्वालियर..

