जिले के किसानों को अब “ई-टोकन प्रणाली” से खाद वितरण…
किसान भाईयों से पंजीयन कराकर ई-टोकन प्रणाली से खाद लेने की अपील..
अब खाद के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं..
ग्वालियर । ग्वालियर जिले के किसानो को भी अब प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ई-विकास प्रणाली अर्थात ई-टोकन से खाद (रासायनिक उर्वरक) उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान भाईयों से ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन कराकर यह सुविधा प्राप्त करने की अपील की गई है। कृषकों से अपनी-अपनी भूमि की फॉर्मर आईडी बनवाने की अपील भी की गई है।
ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन कराना अत्यंत आसान है। इस पोर्टल पर किसान भाई जैसे ही अपना आधार नम्बर दर्ज कराते हैं वैसे ही लिंक मोबाइल नम्बर पर ओटीपी प्राप्त होता है। ओटीपी सत्यापित होते ही किसान का ऑनलाइन पंजीयन पूर्ण हो जाता है। पंजीयन के बाद किसान भाई ई-टोकन प्राप्त कर उर्वरक ले सकते हैं। पोर्टल पर किसान की भूमि संबंधी जानकारी एग्री स्टेक सिस्टम से प्राप्त हो जाती है। पोर्टल पर किसान के नाम दर्ज खसरा नम्बर व भूमि का विवरण भी उपलब्ध रहता है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कृषि, सहकारिता व विपणन संघ के अधिकारियों सहित जिले के सभी एसडीएम को प्रभावी ढंग से ई-टोकन प्रणाली व्यवस्था के तहत खाद वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि जिले के कृषकों को नई व्यवस्था की जानकारी दें। साथ ही उन्हें ई-टोकन प्रणाली से खाद लेने के लिये प्रोत्साहित करें।
“ई-विकास प्रणाली” के नाम से लागू की गई खाद वितरण की इस व्यवस्था से किसानों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं रहेगी। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगा है। इस व्यवस्था की यह भी खूबी है कि सरकार को उर्वरक की मांग तत्काल पता लग जाती है और जरूरत के मुताबिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री रणवीर सिंह जाटव ने बताया कि ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था के तहत किसानों को खाद वितरित करने के लिये डिजिटल टोकन उपलब्ध कराया जाता है। टोकन में किसान का नाम, पंजीयन क्रमांक, उर्वरक का प्रकार व मात्रा, वितरण केन्द्र एवं निर्धारित तिथि व समय अंकित रहता है। यह टोकन एसएमएस, मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। ई-टोकन के आधार पर जिले के किसान निर्धारित समय पर संबंधित वितरण केन्द्र से उर्वरक प्राप्त कर रहे हैं।

